Showing posts with label हिंदी कविताये. Show all posts
Showing posts with label हिंदी कविताये. Show all posts

Wednesday, December 07, 2011

मेरी कविताये:- कल का सपना आज की हकीकत

चाहता हूँ कुछ गुजरे पल, बस मेरी ज़िन्दगी बन जाये,
कल रात का कोई ख्वाब, आज हकीकत में बदल जाये !

पानी पे चलने का हुनर , कल मुझको भी आ गया है ,
कोई जाये और ये बात , उन फरिश्तों को भी समझाए !


अपना ही पुराना चेहरा , अब याद भी नहीं आता ,
कोई नयी महक उठे , और मेरे बाग़ को फिर महकाए !



दरिया के बीच में खड़ा होकर , दिल सोचने लगा फिरसे ,
किश्ती को किनारे लगा दूँ , की यहीं डुबो दिया जाये !!



"भुमिपुत्र"

Thursday, July 28, 2011

मेरी कवितायेँ : सूर्य और ये जीवन

क्या तुमने कभी सूरज को ढलते हुए देखा है?
क्या तुमने कभी उसे पानी में पिघलते देखा है ?

क्या तुमने कभी उसे बादलों में छुपते देखा है ?
क्या तुमने कभी उसे पहाड़ों में गुमते देखा है ?

क्या तुमने किसी पंछिं को उसे पकड़ते देखा है ?
क्या तुमने उसकी पहली किरण को खुद से छूते देखा है ?

किसी पर्वत की चोटी पर एकाग्रचित्त जब ये अनुभव आता है ,
प्रकृति और मनुष्य जीवन का साथ समझ आता है !

सूरज का उदय और अस्त होना इस जीवन की परिभाषा है !
ये सृष्टि का आधार और मोक्ष प्राप्ति की अभिलाषा है !

इस जीवन का अंतिम सत्य तो उस परम से एकाकार है !
हर रोम जिसे चाहता है वो उस अद्भुत अद्वितीय से साक्षात्कार है !!

"भुमिपुत्र"

Monday, July 25, 2011

मेरी कवितायेँ : कुछ यादे

अब भी उनकी गलियों से, जब गुजरना होता है ,
एक कसक सी उठती है , हर ज़ख्म फिर रोता है !

मेरे लहजे में तो खुदा भी , कुछ कमी नहीं देख पाया ,
फिर भी मेरे साथ ही क्यूँ , हादसा ये होता है !

अपनी हस्ती को मिटा के , जिसे ज़िन्दगी दी थी मैंने ,
वही शख्स मेरे घर की , क्यूँ बुनियाद तोड़ता है !

मौत है उसके दामन में , ये जानता है दिल भी ,
गुनाह ऐ इश्क करने का , अंजाम बस यही होता है !!

"भुमिपुत्र"